Good News: इस तकनीक से अलजाइमर के शुरुआती संकेतों का पता लगाना संभव

Good News: इस तकनीक से अलजाइमर के शुरुआती संकेतों का पता लगाना संभव

वाशिंगटन। वैज्ञानिकों ने एक नयी ‘पोजीट्रॉन इमिशन टोमोग्राफी’ (पीईटी) स्कैन तकनीक विकसित की है, जिसकी मदद से अलजाइमर की बीमारी के शुरुआती संकेतों का पता लगाया जा सकता है। शुरुआती संकेतों का पता लगने से बीमारी का सही समय पर पता लगाना संभव हो सकेगा। ये भी पढ़ें- सेहत की बात: ब्रेस्ट कैंसर के बाद …

वाशिंगटन। वैज्ञानिकों ने एक नयी ‘पोजीट्रॉन इमिशन टोमोग्राफी’ (पीईटी) स्कैन तकनीक विकसित की है, जिसकी मदद से अलजाइमर की बीमारी के शुरुआती संकेतों का पता लगाया जा सकता है। शुरुआती संकेतों का पता लगने से बीमारी का सही समय पर पता लगाना संभव हो सकेगा।

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इस तकनीक में ‘18एफ-एसएमबीटी-1’ नामक एक रासायनिक यौगिक एजेंट शामिल है, जो लोगों में ‘मोनोएमाइन ऑक्सीडेज-बी’ (एमएओ-बी) एन्जाइम के उच्च स्तर की उपस्थिति का पता लगा सकता है, जोकि अलजाइमर रोग का सबसे शुरुआती संकेत है।

यह रोग में सूजन की भूमिका की बेहतर समझ में मददगार साबित हो सकता है। इस शुरुआती संकेत से रोग का जल्द पता चलने के बाद सही समय पर क्लीनिकल हस्तक्षेप किया जा सकता है। 18एफ-एसएमबीटी-1 एजेंट एमएओ-बी एन्जाइम के मद्देनजर बेहद चयनात्मक है जो प्रतिक्रियाशील एस्ट्रोसाइट्स कोशिकाओं से जुड़ाव को तेज कर देता है।

अमेरिका के पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय में अध्ययन के प्रमुख लेखक विक्टर वी. ने कहा, ‘यह बढ़ा हुआ जुड़ाव बताता है कि अल्जाइमर रोग में प्रतिक्रियाशील एस्ट्रोग्लियोसिस का पता लगाने के लिए 18एफ-एसएमबीटी-1 एजेंट को एक संकेतक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।’

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