हल्द्वानी: लोक कलाकारों की सूचीबद्धता और नवीनीकरण का मामला अटका

नरेन्द्र देव सिंह, अमृत विचार। कुमाऊं में लोक और सूचना विभाग में लोक कलाकारों की सूचीबद्धता और नवीनीकरण का मामला अटका हुआ है। कुछ दिनों बाद आचार संहिता लग जाएगी। इसके बाद यह काम अगले चार माह के लिए और टल जाएगा। इससे लोक कलाकार परेशान हैं क्योंकि बिना सूचीबद्धता और नवीनीकरण के उन्हें सरकारी कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। इससे उनकी आर्थिकी पर संकट बना हुआ है।

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लोक और सूचना विभाग हर तीन साल में लोक कलाकरों का पंजीकरण करता है। इस दौरान पुराने लोक कलाकारों का नवीनीकरण किया जाता है और साथ ही नए लोक कलाकारों को पंजीकृत किया जाता है। सूचना विभाग की ओर पिछले बार की गई सूचीबद्धता साल 2020 में खत्म हो गई थी। इसके बाद कोविड काल शुरू होने की वजह से लोक कलाकारों ने पुरानी सूचीबद्धता को ही आगे बढ़ाने की थी।

जिसके बाद सूचना विभाग ने लोक कलाकारों की सूचीबद्धता का काम छह माह टाल दिया और पुरानी सूचीबद्धता को ही छह माह के लिए बढ़ा दिया गया। कोविड काल खत्म होने के बाद लोक कलाकारों की मांग पर सरकार ने 2021 में सूचीबद्धता का काम शुरू कर दिया।

गढ़वाल में जहां लोक कलाकारों की सूचीबद्धता और नवीनीकरण का काम निपटा दिया गया लेकिन कुमाऊं में यह काम अटक गया। सितंबर में अल्मोड़ा के उदय शंकर नाट्य अकादमी में लोक कलाकारों के ऑडिशन के दौरान कुछ कलाकारों ने विरोध किया कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान कई लोक कलाकार आर्थिक स्तर पर काफी कमजोर हुए हैं। इसलिए इस ऑडिशन को आगे बढ़ाया जाए। विभागीय अधिकारियों ने कुमाऊं में ऑडिशन को फिर से टाल दिया और जल्द ही ऑडिशन कराने का वायदा किया लेकिन तब से अब तक ऑडिशन नहीं हुए है।

बजट लैप्स होने के कगार पर पहुंचा
बीते वित्तीय सत्र में लोक कलाकारों के लिए नैनीताल जिले को सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए 12 लाख की धनराशि जिला योजना के अंतर्गत आवंटित की गई थी। कोरोना काल और ऑडिशन न हो पाने की वजह से यह धनराशि लैप्स हो गई। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इस मद में पांच लाख की टोकन मनी प्रभारी मंत्री द्वारा स्वीकृत की गई लेकिन कलाकारों की सूचीबद्धता का नवीनीकरण न होने की वजह से कार्यक्रमों के आवंटन में तकीनीकी व्यवधान है। 15 दिसंबर के बाद निर्वाचन की आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने की संभावना है। निर्वाचन की प्रक्रिया 10 मार्च तक चलेगी। इसके बाद मार्च जारी धनराशि दोबारा लैप्स हो जाएगी। ऐसे में लोक कलाकारों की आर्थिक स्तर पर पूरी तरह से हालात खराब हो जाएगी।

मंत्री का वायदा पूरा नहीं हुआ
संस्कृति मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने लोक कलाकारों से यह वायदा किया था कि नए ऑडिशन को लेकर प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा लेकिन तब से लेकर अभी तक कई कैबिनेट की बैठक हो गई हैं लेकिन कोई भी वायदा पूरा नहीं हुआ है।

मैंने कलाकारों की सूचीबद्धता को लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से बात की थी लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।- दीपक सुयाल, लोक कलाकार

लोक कलाकारों की सूचीबद्धता और नवीनीकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कोशिश की जा रही है कि जल्द ही ऑडिशन करा दिया जाए।- डॉ. अनिल चंदोला, अपर निदेशक, सूचना विभाग

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