बरेली: भाई की कलाई में राखी बांधकर बहन ने मनाया रक्षाबंधन

हर साल की तरह सावन पूर्णिमा की तिथि पर बहनों ने रक्षा सूत्र से भाइयों की कलाइयां सजाई।

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बरेली, अमृत विचार। कोविड महामारी के साए में तीन साल से राखी का पर्व मनाया जा रहा है। लेकिन इस बार कोविड महामारी के केस न के बराबर होने से भाई बहन के अटूट स्नेह का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को हर्ष उल्लास और परंपरा पूर्वक मनाया गया। हर साल की तरह सावन पूर्णिमा की तिथि पर बहनों ने रक्षा सूत्र से भाइयों की कलाइयां सजाई।

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रेशम की डोरी के धागे भले ही कच्चे हो लेकिन इसके पीछे का स्नेह अटूट और बेहद मजबूत होता है। बहन-भाई के प्यार का प्रतिक इस त्योहार को लेकर घर-घर में व्यापक तैयारियां की गई थी। शुक्रवार की सुबह लोगों ने स्नान कर देवी-देवताओं की पूजा अर्चना के उपरांत बहनों ने भाइयों की कलाई में रक्षा सुत बांधकर जन्म जन्म तक सुख-दु:ख में साथ निभाने का वचन भाईयों से लिया।

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वहीं, भाईयों ने भी बहनों को उपहार देकर हमेशा साथ निभाने का वादा किया। इस दौरान मुंह मीठा करने का दौर भी जारी रहा घर के बड़े-बुजुर्गों का पैर छुकर आशिर्वाद लिया। दोपहर में अधिकांश बहनों ने भाई की कलाई पर राखी सजाई और उपहार पाकर अपनों के साथ खुशियां मनाई। इन्हीं भावनाओं के साथ सुबह से ही तैयारी कर रही बहनों ने भाइयों के हाथों में राखियां बांधी। हमारे सनातन धर्म की संस्कृति में भाई और बहन के इस पर्व का बहुत महत्व है। रक्षाबंधन का पर्व भाई और बहन के अनूठे संबंध को और गहरा करने का पर्व है।

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