बरेली: जिलाध्यक्ष को बुलाया, महानगर अध्यक्ष को भूले समाजवादी

बरेली, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी बरेली के कार्यकर्ताओं में आपसी मतभेद को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मामला युवजन सभा के एक कार्यक्रम से जुड़ा है। जहां सपा महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी को न बुलाकर, जिलाध्यक्ष अगम मौर्य व पूर्व विधायक अताउर्ररहमान समेत अन्य कार्यकर्ताओं को बुला लिया गया था। इसके चलते जिला व महानगर के कार्यकर्ताओं में आपस में ठन चुकी है।

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बता दें कि 30 सितंबर को समाजवादी युवजन की कमेटी की घोषणा की गई थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवजन सभा महानगर के अध्यक्ष अहमद खान टीटू ने की थी। मुख्य अतिथि के रूप में आए जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक ने कमेटी घोषित होने के बाद कार्यकर्ताओं को मनोनयन पत्र बांटे थे जबकि महानगर के कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष को न पूछने पर वह खफा हो गए थे।

सूत्रों के मुताबिक, महानगर के कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष की सहमति जरूरी होती है जो उस कार्यक्रम में नहीं हो पाई। इसके चलते महानगर व जिला कार्यकर्ताओं में ठनी हुई है। हालांकि, इस प्रकरण को लेकर जब महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी से बात की गई तो वह जवाब देने से बचते रहे।

जिला और महानगर कमेटी का एक प्रवक्ता
समाजवादी पार्टी बरेली की कमेटी अभी भी पूरी तरह परिपक्व नहीं हो पाई है। उत्तर प्रदेश में मजबूत विपक्षी पार्टी कही जाने वाली समाजवादी पार्टी में कई पद खाली हैं। इसके बावजूद जिला व महानगर दोनों का सिर्फ एक ही प्रवक्ता है जबकि बरेली में हमेशा से महानगर व जिले के दो प्रवक्ता रहे हैं। ऐसा पहली बार है कि जब सिर्फ एक प्रवक्ता ही पार्टी की कमान संभाले हुए है।

मैं जो भी हूं आज पूर्व विधायक अताउर्रहमान की वजह से हूं। कार्यक्रम के लिए मैंने समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष को फोन किया था लेकिन वह नहीं आ पाए। -अहमद खान टीटू, महानगर अध्यक्ष, युवजन सभा

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8 Comments

  1. बरेली, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी बरेली के कार्यकर्ताओं में आपसी मतभेद को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मामला युवजन सभा के एक कार्यक्रम से जुड़ा है। जहां सपा महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी को न बुलाकर, जिलाध्यक्ष अगम मौर्य व पूर्व विधायक अताउर्ररहमान समेत अन्य कार्यकर्ताओं को बुला लिया गया था। इसके चलते जिला व महानगर के कार्यकर्ताओं में आपस में ठन चुकी है।
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    बता दें कि 30 सितंबर को समाजवादी युवजन की कमेटी की घोषणा की गई थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवजन सभा महानगर के अध्यक्ष अहमद खान टीटू ने की थी। मुख्य अतिथि के रूप में आए जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक ने कमेटी घोषित होने के बाद कार्यकर्ताओं को मनोनयन पत्र बांटे थे जबकि महानगर के कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष को न पूछने पर वह खफा हो गए थे।

  2. बरेली, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी बरेली के कार्यकर्ताओं में आपसी मतभेद को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मामला युवजन सभा के एक कार्यक्रम से जुड़ा है। जहां सपा महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी को न बुलाकर, जिलाध्यक्ष अगम मौर्य व पूर्व विधायक अताउर्ररहमान समेत अन्य कार्यकर्ताओं को बुला लिया गया था। इसके चलते जिला व महानगर के कार्यकर्ताओं में आपस में ठन चुकी है।
    बता दें कि 30 सितंबर को समाजवादी युवजन की कमेटी की घोषणा की गई थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवजन सभा महानगर के अध्यक्ष अहमद खान टीटू ने की थी। मुख्य अतिथि के रूप में आए जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक ने कमेटी घोषित होने के बाद कार्यकर्ताओं को मनोनयन पत्र बांटे थे जबकि महानगर के कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष को न पूछने पर वह खफा हो गए थे।

  3. धन्यवाद! ‘कोरोना काल में दिवाली का जश्न’
    बाजारों में है लौटी रौनक, बहुत दिनों के बाद
    हर घर में छाई खुशियां, बहुत दिनों के बाद।
    त्योहारों का मौसम आया, बहुत दिनों के बाद
    बुझे चेहरों पर मुस्कुराहट आई, बहुत दिनों के बाद।।

    कोरोना के इस काल में, सब लोग हो गये थे बेबस
    जहां-तहां था सन्नाटा पसरा, बाजारें हो गई थीं बंद।
    दिवाली ने फिर से जलाया, उम्मीदों की किरण
    हर घर फिर से सजेगा, अब दियों के संग।।

    बच्चे अब घर से बाहर दिखते, बहुत दिनों के बाद
    सूनी गलियों में अब सोनू दिये बेचता, बहुत दिनों के बाद।
    दिवाली अपने संग खुशियां लाया, बहुत दिनों के बाद
    चलो मिलकर त्योहार मनाएं, बहुत दिनों के बाद।।

    कुछ बातों का ध्यान तुम रखना, जब जाना बाजार
    मास्क पहनना मत भूलना, सैनिटाइजर भी रखना पास।
    चाहें दिये ले आना या मिठाइयां, सब डब्बों को करना साफ
    फिर दियों में बाती लगाकर, दीवाली मनाना तुम खास।।

    चलो आज फिर भारत को सजाएं, बहुत दिनों के बाद
    इसकी रुकी अर्थव्यवस्था को बढ़ाएं, बहुत दिनों के बाद।
    कोरोना में अब कमी आ रही, बहुत दिनों के बाद
    धीरे-धीरे स्कूल खुल रहे, बहुत दिनों के बाद।।

    घर-आंगन को स्वच्छ रखें, रखें सफाई का ध्यान
    जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं का करें अभ्यास।
    अपकी दिवाली स्वदेशी दियों से ही हम मनाएंगे
    उसकी लौ से हर बुराई को हम दूर भगाएंगे।।

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    शुभ दिवाली, सुरक्षित दिवाली।।

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  5. Year Member Political Party
    1951 Govind Ballabh Pant
    Indian National Congress

    1957 Jagdish Saran Agarwal Indian National Congress

    1962 Jagdish Saran Agarwal Indian National Congress

    1967 Jagdish Saran Agarwal Indian National Congress

    1969 Ram Singh Khanna Bharatiya Kranti Dal

    1974 Satya Prakash Bharatiya Jan Sangh

    1977 Satya Prakash Janata Party

    1980 Ram Singh Khanna Indian National Congress (I)

    1985 Dinesh Johri Bharatiya Janata Party

    1989 Dinesh Johri Bharatiya Janata Party

    1991 Dinesh Johri Bharatiya Janata Party

    1993 Rajesh Agarwal
    Bharatiya Janata Party

    1996 Rajesh Agarwal
    Bharatiya Janata Party

    2002 Rajesh Agarwal
    Bharatiya Janata Party

    2007 Rajesh Agarwal
    Bharatiya Janata Party

    2012 Arun Kumar
    Bharatiya Janata Party

    2017 Arun Kumar
    Bharatiya Janata Party

    1995 MR MOHD MASROOR ZAHID ULLAH SAMAJ WADI PARTY
    • Election results

  6. lkfgR; ij vueksy opu
    साहित्य का कर्तव्य केवल ज्ञान देना नहीं है , परंतु एक नया वातावरण देना भी है ।
    — डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
    सच्चे साहित्य का निर्माण एकांत चिंतन और एकान्त साधना में होता है |
    –अनंत गोपाल शेवड़े
    साहित्यसंगीतकला विहीन: साक्षात् पशुः पुच्छविषाणहीनः ।
    ( साहित्य संगीत और कला से हीन पुरूष साक्षात् पशु ही है जिसके पूँछ और् सींग नहीं हैं । )
    साहित्य समाज का दर्पण होता है । MR MOHD MASROOR ZAHID ULLAH CDC 215

  7. izse ij tueksy opu

    दोस्तों हमारे मन में हर तरह के नकारात्मक विचार स्वतः आते रहतें हैं, इनको हटाना बहूत ज़रूरी है, ये नकारामक विचार केवल अच्छे सकारात्मक विचारों से ही हट सकतें हैं। MR MOHD MASROOR ZAHID ULLAH CDC 215
    उस मनुष्य का ठाट-बाट जिसे लोग प्यार नहीं करते, गांव के बीचोबीच उगे विषवृक्ष के समान है।
    जो अकारण अनुराग होता है उसकी प्रतिक्रिया नहीं होती है क्योंकि वह तो स्नेहयुक्त सूत्र है जो प्राणियों को भीतर-ही-भीतर (ह्रदय में) सी देती है।
    पुरुष के लिए प्रेम उसके जीवन का एक अलग अंग है पर स्त्री के लिए उसका संपूर्ण अस्तित्व है।
    – लार्ड बायरन
    रहिमन धागा प्रेम का , मत तोड़ो चिटकाय।
    तोड़े से फिर ना जुड़ै , जुड़े गाँठ पड़ि जाय।।
    —-रहीम
    पोथी पढि पढि जग मुआ , पंडित भया न कोय ।
    ढाई अक्षर प्रेम का पढे , सो पंडित होय ॥

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