बरेली: आरबीएसके ने भरे पांच बच्चों के दिल के जख्म

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अमृत विचार, बरेली। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) से जिले के 5 परिवारों की खुशी लौटी है। इन परिवारों के बच्चों को बचपन से दिल में था। निजी अस्पतालों में इलाज के लिए डॉक्टरों ने लाखों रुपये का खर्च बताया था, लेकिन आरबीएसके टीम ने ऐसे बच्चों की खोज करने के बाद चाइल्ड पीजीआई नोएडा में उनकी निशुल्क सर्जरी कराई गई।

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टीमें करती हैं सर्वे
आरबीएसके के तहत जिले के हर ब्लॉक में 15 लोगों की टीम कार्यरत है। टीम आंगनबाड़ी, प्राथमिक स्कूलों, मदरसों में जाकर बच्चों में 37 प्रकार की बीमारियों का स्वास्थ्य परीक्षण करती है। बीमारी से ग्रसित पाए जाने पर बच्चे को रेफर कार्ड देकर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा जाता है। बच्चे की जांच व इलाज निशुल्क होता हैं। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. सीपी सिंह ने बताया कि जिले में यह कार्यक्रम वर्ष 2013 से चलाया जा रहा है। अब तक जन्मजात हृदय रोगों से ग्रसित बच्चों के सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं। वहीं बीते दो सालों में जन्मदोष से पीड़ित 12 बच्चों के निशुल्क ऑपरेशन किए गए हैं।

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केस 1
भमौरा ब्लाक के अजीत की एक वर्षीय पुत्री चित्रांशी के दिल में बचपन से ही छेद था, उसने कई निजी अस्पताल में बच्ची का इलाज कराया यहां बच्ची के दिल के छेद का ऑपरेशन करने के लिए मोटी फीस मांगी गई। जिससे परिजन निराश थे, फिर एक दिन सर्वे के दौरान आरबीएसके की टीम अजीत के घर पहुंची उन्होनें बच्ची की जांच कर उसे सीएमओ कार्यालय भेजा, नौ मई को बच्ची का हायर सेंटर में सफल ऑपरेशन कराया गया।

केस 2
मझगंवा ब्लॉक के मर्शरफपुर गांव निवासी विजय पाल के चार वर्षीय बेटे के दिल में छेद था, उसने शहर के बड़े निजी अस्पतालों के साथ गैर राज्यों में भी बच्चे के ऑपरेशन के लिए चक्कर लगाए लेकिन ऑपरेशन की मोटी फीस ने उसके कदम रोक दिए। आरबीएसके की टीम के संपर्क में आने के बाद 13 मई को बच्चे का हायर सेंटर में सफल ऑपरेशन हो गया।

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