बरेली: अब सड़कों की मरम्मत के खेल में निशाने पर आए चीफ इंजीनियर

बरेली, अमृत विचार। नगर निगम के निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता बीके सिंह का नाम अब शहर की सड़कों की मरम्मत के बजट में खेल करने में भी आया है। मेयर उमेश गौतम ने एक बार फिर से मुख्य अभियंता को निशाने पर लेते हुए यह गंभीर आरोप लगाया है कि मुख्य अभियंता सड़कों के गड्ढा मुक्ति के अभियान के कामों के लिए 30 फीसदी तक कमीशन मांग रहे हैं। ठेकेदार ये नहीं दे पा रहे हैं। इस वजह से सड़कों का पैच वर्क न होने से जनता को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसको लेकर मेयर ने नगर आयुक्त को कड़ा पत्र लिखते हुए गड्ढा मुक्ति के काम से मुख्य अभियंता को तत्काल बाहर करने की पैरवी की है।

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नगर निगम के चीफ इंजीनियर एक के बाद एक तमाम भ्रष्टाचार और घपलों के मामलों की शिकायतों और जांच से घिरते जा रहे हैं। मेयर डॉ. उमेश गौतम ने 18 अक्टूबर को नगर आयुक्त अभिषेक आनंद को पत्र लिखते हुए यह गंभीर आरेाप लगाया है कि शहर में 01 सितंबर से नगर निगम गड्ढा मुक्ति का अभियान चला रहा है लेकिन मुख्य अभियंता बीके सिंह ठेकेदारों से 30 प्रतिशत कमीशन मांगने के बाद ही काम दे रहे हैं। ऐसे में ठेकेदार काम करने से मना कर रहे हैं। इस वजह से खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत न हो पाने से शहरवासियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। सड़कों की मरम्मत न होने से नगर निगम और सरकार दोनों की ही छवि पर दाग लग रहा है।अभी कुछ समय पहले भी निर्माण विभाग के चीफ सहित कई इंजीनियरों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं।

आरोप है कि नगर निगम ने 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत करीब 35 करोड़ रुपये के टेंडर किए थे। इसमें मुख्य अभियंता ने करीब 70 फीसद के लगभग 25 करोड़ रुपये के काम एक महिला अभियंता को आवंटित कर दिए। इधर पूर्व पार्षद राजेश तिवारी ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र 4 अगस्त 2021 को भेजा। इसमें नगर निगम के लेखा विभाग और निर्माण विभाग को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन मामलों का शासन स्तर तक संज्ञान लेने के बाद लखनऊ से एंटी करप्शन ने कई बिंदुओं पर प्रशासनिक स्तर से जांच आख्या मांगी है। इससे पहले मेयर ने 11 अक्टूबर 2021 को नगर विकास मंत्री को नगर निगम में चल रहे घपले-घोटालों के खेल को पहुंचाते हुए कड़ी चिट्ठी भेजी, जिसमें मुख्य अभियंता बीके सिंह को नगर निगम से हटाए जाने की पैरवी की गई है।

एक महीने में गड्ढामुक्त की जानी हैं सड़कें
मेयर ने चीफ इंजीनियर को हटाकर सड़कों के गड्ढामुक्ति के अभियान को अधिशासी अभियंता और अवर अभियंताओं को देने पर जोर दिया है। मेयर ने नगर आयुक्त को भेजे पत्र में कहा है कि ऐसा करके ही सड़कों को महीनेभर में सड़कों को दुरुस्त किया जा सकता है।

फोन करके ठेकेदारों से बनवाए जा रहे लटके बिल
निर्माण विभाग के चीफ सहित दूसरे इंजीनियरों के दामन पर भ्रष्टाचार के आरोप के दाग लगने के बाद अब खलबली मची हुई है। कई ठेकेदारों का कहना है कि इन मामलों के सार्वजनिक होने के बाद अब कुछ इंजीनियर फोन करके निर्माण कार्यों के लंबित बिल तो बना रहे हैं लेकिन भुगतान को लेकर कोई सुध नहीं ली जा रही है। उसमें कमीशन का खेल नहीं थम पा रहा है।

मेयर की चिट्ठी मुझे अभी प्राप्त नहीं हो सकी है। इसलिए इस संबंध में मैं कुछ बताने की स्थिति में नहीं हूं। पत्र पढ़ने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि इस संबंध में क्या निर्णय लिया जाना है। —अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त

निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार की वजह से काम नहीं हो पा रहे। मैंने रोड की मरम्मत को लेकर जो खेल सामने आया है, उसके संबंध में नगर आयुक्त को पत्र भेजते हुए चीफ इंजीनियर को सड़कों के गड्ढा मुक्ति के काम से बाहर करने को कहा है। ––डा. उमेश गौतम, मेयर

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