बरेली: रंजिश में किया था दोहरा हत्याकांड, सात को आजीवन कारावास

विधि संवाददाता, बरेली, अमृत विचार। 13 वर्ष पूर्व दोहरे हत्याकांड में अदालत में चले ट्रायल में सात आरोपियों को हत्या का दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-7 उत्कर्ष यादव ने बदायूं बिसौली के पृथ्वीपुर निवासी आराम सिंह, मुकेश, धर्मवीर, धर्मपाल, भगवान दास, रघुवीर सिंह व रामऔतार को आजीवन कठोर कारावास व प्रत्येक को 15-15 हजार रूपये कुल अर्थदण्ड की सजा सुनाई।

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अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी हेमेन्द्र कुमार गंगवार ने बताया कि मृतक जुगेन्द्र सिंह की पत्नी कमला देवी ने 26 सितम्बर 2008 को थाना आंवला में तहरीर देकर बताया था कि बदायूं के थाना कुंवरगांव के ग्राम गुरूईया में वर्ष 2007 मे गांव के ही रामप्रकाश की हत्या हुई थी, जिसमें मेरे पति जुगेन्द्र सिंह जेल भी गये थे, जमानत पर रिहा थे और मुकदमा चल रहा था।

मृतक रामप्रकाश रघुवीर सिंह का मामा लगता था। वह तभी से यह लोग रंजिश मान रहे थे। इसी रंजिश के कारण मैं व मेरे पति जुगेन्द्र मय बच्चों के गांव छोड़कर आंवला स्थित इफको कालोनी में किराये के मकान में रह रहे थे। 24 सितम्बर 2008 को शाम 5 बजे उपरोक्त सातों आरोपी मार्शल गाड़ी से घर आये। जिसमें आराम सिंह के पास उसकी लाईसेंसी रायफल भी थी।

उस समय पति जुगेन्द्र सिंह व बहनौत दिनेश भी घर पर ही थे। आते ही आरोपियों ने सुलह करने के बहाने से घर से जुगेन्द्र सिंह तथा बहनौत दिनेश को गाड़ी में बैठा लिया व लेकर चले गये। शाम को जब दोनों वापस नहीं लौटे तो फोन किया। मगर दोनों के मोबाइल बंद थे।

26 सितम्बर को पता चला कि पति व बहनौत के शव आम के बाग में पड़े हैं। वहां जाकर देखा तो शव और खोखा व कारतूस भी पड़े थे। तहरीर पर पुलिस ने सातों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट भेजा था। अभियोजन की ओर से 13 गवाह अदालत में परीक्षित कराये गये थे।

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