अयोध्या: साइबर ठग, इस फ्रॉड मैसेज से बचें बिजली उपभोक्ता, वरना लग जायेगी चपत

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अयोध्या। वेबटेल नोटिफिकेशन। डियर कस्टमर योर इलेक्ट्रिसिटी डिस्कनेक्टेड टू नाइट एट 9:30 पीएम। योर बिल वाज नाट अपडेट। प्लीज कॉन्टेक्ट 9163656220। जी हां! अगर आपके मोबाइल पर इस तरह के मैसेज आ रहे हैं तो इससे पूरी तरह से बचें। आपकी जरा सी हड़बड़ाहट आपका बैंक खाता खाली कर सकती है। बिजली बिल के नाम पर साइबर ठग लोगों को इस तरह के मैसेज भेज रहे हैं, यह मैसेज पूरी तरह से फ्राड है।

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साइबर ठगों द्वारा बिजली के पेंडिग बिल के मैसेज भेजकर लोगों के ठगी करने का प्रयास किया जा रहा है। ठग मैसेज भेजकर मोबाइल नंबर पर संपर्क करने को कहते हैं। शहर के नियावां के रहने वाले इफ्तेखार अहमद ऐसे ही मैसेज से ठगी का शिकार हो चुका है। इसी तरह जिले के एक वरिष्ठ पत्रकार के मोबाइल पर भी इस तरह का मैसेज आया। वह जागरुक थे इसलिए इस मैसेज के झांसे में नहीं आए। उन्होंने इसे लेकर पावर कॉपोर्रेशन के अफसरों से शिकायत की।

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कनेक्शन काटने के नाम पर ऐसे हो रहा है फ्रॉड

साइबर अपराधी आपके पास मैसेज भेज रहे कि आज आपकी बिजली कट जाएगी। कनेक्शन जारी रखने के लिए दिए गए नंबर पर सम्पर्क करें। जैसे ही आप दिए गए नंबर पर कॉल करते हैं वो आपसे आपका बिजली बिल का एकाउंट नंबर मांगेगा और आपको 20 रु का एडवांस पेमेंट करने को कहेगा, उसके लिए आपको प्ले स्टोर से विद्युत क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड करने को बोलेगा।

सर्च में आपको टीम व्यूअर क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड करवा के आपका मोबाइल का कंट्रोल अपने पास लेकर आपका खाता खाली कर देगा। इसलिए सावधान रहें। बिजली विभाग इस तरीके का कोई मैसेज नहीं भेजता है। ऐसे मैसेज प्राप्त होने पर दिए गए नंबर पर रिप्लाई ना करें और किसी भी व्यक्ति के कहने से प्ले स्टोर से किसी भी तरीके का सपोर्ट ऐप इंस्टॉल ना करें।

यहां करें शिकायत

वित्तीय साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्प लाइन नम्बर 1930 या 112 पर दे एवं नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करें। अन्य साइबर अपराध की रिपोर्ट पर अथवा यूपी काप एप के माध्यम से भी की जा सकती है।

साइबर ठगों तक नहीं पहुंच पाती पुलिस

ऑनलाइन ठगी के मामलों में पुलिस प्राथमिकी तो दर्ज कर लेती है, लेकिन उन तक पहुंच नहीं पाती। पुलिस की जांच में सामने आया है कि साइबर ठग जरूरतमंद लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों में रुपये मंगाते हैं। इसी तरह किसी अन्य की आइडी पर जारी हुए मोबाइल नंबरों का प्रयोग किया जाता है। पुलिस बैंक खाता व मोबाइल नंबर धारक तक तो पहुंच जाती है, लेकिन मुख्य आरोपितों तक नहीं पहुंच पाती है, जिस कारण साइबर ठगी के अधिकतर मामले लंबित रह जाते हैं।

कुछ दिनों पहले जारी की गई थी चेतावनी

मध्यांचल विघुत वितरण निगम के अधिशासी अभियन्ता प्रथम प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले ही बिजली निगम ने बिल न भरने और कनेक्शन काटने का झांसा देकर ठगी करने वालों से लोगों को आगाह किया था।

जारी की गई चेतावनी में कहा था साइबर ठग लोगों को बिजली बिल न भरने और कनेक्शन काटने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। इस तरह का कोई भी मैसेज या कॉल आता है तो उसे अनदेखा करें और बिल के संबंध में बिजली निगम कार्यालय में संपर्क करें।

पढ़ें-लखनऊ : बिजली उपभोक्ताओं से ठगी करने वालों पर एफआईआर दर्ज

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