काठगोदाम रेलवे स्टेशन के पास 100 मीटर पटरी गौला नदी में समाई, ट्रेनों का संचालन ठप

हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में आए उफान की वजह से काठगोदाम रेलवे स्टेशन के पास 100 मीटर की रेल पटरी गौला नदी में समा गई। रेल पटरी गौला के तटबंध वाली हिस्से पर टिकी हुई थी। दो ट्रेनों के संचालन के लिए स्टेशन को बदला गया है और बाकी की ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। यहां स्थिति सामान्य होने में अभी काफी समय लगेगा।

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मौसम विभाग के भारी बारिश को लेकर जताए गए अनुमान के बाद ही काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर अलर्ट जारी कर दिया गया था। स्टेशन की एक टीम बार-बार पटरियों का निरीक्षण कर रही थी। सोमवार और बुधवार की रात रेलवे स्टेशन से 300 मीटर की दूरी पर भूस्खलन होने लगा। सूचना मिलते ही सेक्शन इंजीनियर केएन पांडेय, स्टेशन अधीक्षक चयन रॉय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पता चला कि शीशमहल क्षेत्र में गौला नदी तटबंध का भारी कटान कर रही है। देखते ही देखते यहां पर 100 मीटर लंबी रेल पटरी गौला नदी में समा गई।

स्टेशन इंचार्ज ने तुरंत इसकी सूचना इज्जतनगर रेलवे मंडल को भेजी। यहां से काठगोदाम को आने वाली ट्रेनों का संचालन तुरंत रद्द कर दिया गया। मंगलवार को दिल्ली से आने रानीखेत एक्सप्रेस, हावड़ा से आने वाली बाघ एक्सप्रेस और देहरादून से आने वाली दून एक्सप्रेस को काठगोदाम रेलवे स्टेशन आने पहले से रोक दिया गया।

मंगलवार से काठगोदाम स्टेशन से जाने वाली सभी ट्रेनें बंद कर दी गई हैं। सुबह यहां इज्जतनगर रेलवे मंडल से एक टीम पहुंची जिसने स्थिति का जायजा लिया। यह टीम नुकसान का आकलन करके पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय में भेजेगा। फिलहाल यहां से नैनी दून शताब्दी, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस रद कर दिया गया है। इसके अलावा मुरादाबाद को जाने वाली सवारी गाड़ियों को भी रद्द कर दिया गया है।

हावड़ा को जाने वाली बाघ एक्सप्रेस अब रामुपर से और रानीखेत एक्सप्रेस का संचालन रुद्रपुर से किया जाएगा। इधर ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह के समय रेलवे स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों को मायूस होना पड़ा।

रेल पटरी को सही करने में लगेगा समय
रेल पटरी को फिर से सही करने में अभी समय लगेगा। सेक्शन इंजीनियर के अनुसार, इसको दोबारा सही करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। उसके बाद यहां पर काम शुरू हो पाएगा। रुपया आ जाने के बाद भी तटबंध को फिर से सही करना पड़ेगा। इस काम में कम से कम छह माह का समय लग सकता है। उसके बाद ही पटरी को यहां दोबारा बिछाया जाएगा। संभावना है कि काठगोदाम रूट से संचालित होने वाली ट्रेनों को लालकुआं रेलवे स्टेशन से संचालित किया जाएगा। आने वाले दीवाली त्योहार को देखते हुए रेलवे प्रशासन को जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।

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